बड़ी खबर: सातवां वेतनमान मिलने की अधिसूचना जारी, पढें पूरी खबर

सातवां वेतनमान का इंतजार कर रहे मध्यप्रदेश के कर्मचारियों के लिए राज्य सरकार ने शुक्रवार को सातवें वेतनमान का लाभ दिए जाने की अधिसूचना जारी कर दी है। बढ़ हुआ वेतनमान 1 मई 2018 मिलना शुरू होगा। मध्यप्रदेश राज्य शासन द्वारा शासकीय सेवकों के लिए मध्यप्रदेश शासन वित्त विभाग की अधिसूचना के तहत मध्यप्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 जारी किया गया। यह नियम जनवरी 2016 से लागू किया गया था। राज्य शासन के सार्वजनिक उपक्रमों, मंडलों, निगमों व ग्राम निवेश अधिनियम के तहत गठित विकास प्राधिकरणों के सेवायुक्तों के द्वारा वेतन पुनरीक्षण की मांग पर राज्य शासन द्वारा सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए सातवं वेतनमान का लाभ दिए जाने का निर्णय लिया गया।

इन्हें मिलेगा लाभ

यह लाभ प्रशासकीय नियंत्रण में संचालित ऐसी संस्थायें जिनकी वित्तीय स्थिति परिणामजनित व्यय वहन करने हेतु सक्षण है उन्हे प्रदान करने के लिए अधिकृत किया गया है। साथ ही जारी किए गए पत्र में द्वारा कहा गया है कि यदि विभाग में वित्त अधिकारी, वित्त सलाहकार पदस्थ है तब प्रशासकीय अनुमति की प्रक्रिया में प्रशासकीय विभाग द्वारा वित्त सलाहकार, वित्त अधिकारी का मत आवश्यक रूप से प्राप्त किया जाए। वित्त सलाहकार के पृथक निर्णय लिए जाने की स्थिति में प्रस्ताव पर वित्त विभाग का अभिमत प्राप्त किया जाना अनिवार्य रहेगा।

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सातवां वेतनमान मिलने के मुख्य मापदंड

– वित्तीय वर्ष 2016 – 2017 में संचित लाभ अथवा वित्तीय वर्ष 2014-2015 से निरन्तर लाभ की स्थिति होने पर,
– शासन अथवा वित्तीय संस्थानों से प्राप्त ऋण के पुर्नभुगात में विलंब या चूक की स्थिति न होने पर
– राज्य शासन से स्थापना अनुदान प्राप्त होने की दशा में, वेतन पुनरीक्षण के परिणामस्वरूप आने वाले वित्तीय भार को स्वतः वहन करने की सक्षमता होने पर,
– संस्थान के टर्नओवर आदि के आधार पर स्थापना व्याय के लिए यदि कोई सीमा निर्धारित है तब इस सीमा के अंतर्गत स्थापना व्यय रहने पर।

वित्त विभाग से सहमित से मिलेगा एरियर्स
वेतन निर्धारण के लिए मप्र वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 के सुसंग प्रावधानों के अनुसार 1 जनवरी 2016 की स्थिति में वेतन निर्धारण किया। इसका वास्तविक लाभ 1 मई 2018 से दिया जाएगा। 1 जनवरी 2016 से 31 मार्च 2018 तक की अवधि के एरियर्स के भुगतान के पूर्व वित्त विभाग से सहमित प्राप्त की जाए। इस बीच सेवा निवृत्त कर्मचारियों के सेवा निवृत्त स्वत्वों का निराकरण, वेतन पुनरीक्षण उपरांत काल्पनिक वेतनके आधार पर किया जाए। परन्तु 1 जनवरी 2016 से सेवा निवृत्ति तिथि तक की अवधि के एरियर्स का भुगतान अन्य निर्णय तक नहीं किया जाए। इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आने वाले संस्थान को वित्त विभाग के सहमति के बाद ही वेतन पुनरीक्षण का लाभ दिया जाएगा।